पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan)
पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan)
पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan) भारत सरकार द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी और व्यापक राष्ट्रीय पोषण मिशन है, जिसका उद्देश्य बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण को कम करना और उनके समग्र स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाना है। इसे पहले 'राष्ट्रीय पोषण मिशन' के नाम से 2017 में शुरू किया गया था, और समय के साथ इसे और प्रभावी बनाने के लिए नई पहलें जोड़ी गई हैं। इस अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा, युवा और मातृ वर्ग पर्याप्त पोषण प्राप्त करें, ताकि देश में स्वस्थ जीवन और दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक लाभ सुनिश्चित हो सके।
मुख्य उद्देश्य
2022 तक भारत में बच्चों और माताओं में पोषण स्तर में सुधार करना और कुपोषण की दर को काफी हद तक घटाना।
कुपोषण, हाइजीन, स्वास्थ्य और जीवनशैली से संबंधित समस्याओं की पहचान करना और उन्हें कम करना।
स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना, ताकि लोग अपने परिवार और समाज में स्वस्थ पोषण की महत्ता समझें।
गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को सही पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना।
प्रमुख पहल
माइक्रो-प्लानिंग: हर पंचायत और ब्लॉक स्तर पर पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन और निगरानी। यह स्थानीय समुदाय की जरूरतों और संसाधनों के अनुसार पोषण कार्यक्रमों को अनुकूलित करता है।
जागरूकता और शिक्षा: आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करना।
टेक्नोलॉजी का उपयोग: पोषण डेटा संग्रह और निगरानी के लिए मोबाइल एप्स और पोषण पोर्टल का उपयोग, जिससे वास्तविक समय में जानकारी और प्रगति का आकलन किया जा सके।
सुपरविजन और प्रशिक्षण: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण, ताकि वे पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को कुशलतापूर्वक प्रदान कर सकें।
समन्वय और सहभागिता: विभिन्न सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और एनजीओ के साथ सहयोग कर कार्यक्रमों का प्रभाव बढ़ाना।
लक्षित समूह
0-6 वर्ष के बच्चे, विशेषकर शिशु और प्री-स्कूल उम्र के बच्चे।
गर्भवती महिलाएँ, जिन्हें पोषण और स्वास्थ्य देखभाल की विशेष आवश्यकता है।
स्तनपान कराने वाली माताएँ, जिनके पोषण स्तर का प्रत्यक्ष प्रभाव शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
किशोर लड़कियाँ और लड़के, ताकि उनके विकास और भविष्य के स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
POSHAN Abhiyaan का उद्देश्य केवल कुपोषण को कम करना नहीं है, बल्कि देश में समग्र स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना भी है। इस अभियान के माध्यम से भारत एक स्वस्थ, सशक्त और पोषित राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।
Comments
Post a Comment