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Showing posts from August, 2026

बहरीन पर नेपाल की शानदार जीत: संदीप लामिछाने के पंजे ने पलटा पूरा मैच

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  बहरीन पर नेपाल की शानदार जीत: संदीप लामिछाने के पंजे ने पलटा पूरा मैच 87 रन पर ढेर हुआ बहरीन, नेपाल ने 21 ओवर में हासिल किया लक्ष्य एसीसी मेंस प्रीमियर कप 2026 में नेपाल ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की। 31 अगस्त 2026 को मलेशिया के बांगी स्थित YSD-UKM क्रिकेट ओवल में खेले गए मुकाबले में नेपाल ने बहरीन को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। पहले गेंदबाजी करते हुए नेपाल ने बहरीन की पूरी टीम को केवल 87 रन पर समेट दिया और इसके बाद 88 रन के लक्ष्य को महज 21 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े स्टार रहे नेपाल के कप्तान और स्टार लेग स्पिनर संदीप लामिछाने । उन्होंने 10 ओवर में केवल 14 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके शानदार स्पेल ने बहरीन की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। दूसरी ओर बल्लेबाजी में अर्जुन कुमाल ने नाबाद 36 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। टॉस के बाद नेपाल ने चुनी गेंदबाजी मुकाबले में नेपाल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला जल्द ही सही साबित होने लगा। बहरीन के बल्लेबाज शुरुआत से ही नेपाली गेंदबाजों के सामने स...

थोप्पु वेंकटाचलम: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नेता की कहानी

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  थोप्पु वेंकटाचलम: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नेता की कहानी राजनीतिक सफर, जनसेवा और बदलते सियासी समीकरणों के बीच थोप्पु वेंकटाचलम का प्रभाव तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से अपने मजबूत क्षेत्रीय दलों, प्रभावशाली नेताओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों के लिए जानी जाती है। इसी राजनीतिक परिदृश्य में थोप्पु वेंकटाचलम (Thoppu Venkatachalam) एक ऐसा नाम है, जिसने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। स्थानीय राजनीति से लेकर विधानसभा तक का उनका सफर तमिलनाडु की जमीनी राजनीति और क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। राजनीति में कैसे हुई शुरुआत? थोप्पु वेंकटाचलम का राजनीतिक आधार मुख्य रूप से पश्चिमी तमिलनाडु के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। इस क्षेत्र में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्थानीय विकास और सामाजिक मुद्दे राजनीति के महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। वेंकटाचलम ने भी अपनी राजनीतिक सक्रियता के दौरान इन्हीं जमीनी मुद्दों को प्रमुखता दी। उनका राजनीतिक सफर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी एआईएडीएमके से जुड़ा रहा। पार्टी में सक्रिय भूमिका न...

शांत अंदाज, शानदार वर्दी और कर्तव्य के प्रति समर्पण ने बनाया सोशल मीडिया का चेहरा

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  मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल: राष्ट्रपति के एडीसी से ‘नेशनल क्रश’ तक, 12 साल की सैन्य सेवा के बाद लिया बड़ा फैसला शांत अंदाज, शानदार वर्दी और कर्तव्य के प्रति समर्पण ने बनाया सोशल मीडिया का चेहरा भारतीय सेना की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। इसी वर्दी में जब कोई अधिकारी अपने शांत स्वभाव, शानदार व्यक्तित्व और कर्तव्यनिष्ठा के कारण सोशल मीडिया पर अचानक लोकप्रिय हो जाए, तो यह अपने आप में खास कहानी बन जाती है। मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल की कहानी कुछ ऐसी ही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी यानी Aide-de-Camp के रूप में नजर आने वाले मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चर्चा में थे। राष्ट्रपति के साथ विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और विदेश यात्राओं के दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहे। उनकी सैन्य वर्दी, अनुशासित व्यक्तित्व और शांत व्यवहार ने लोगों का ध्यान खींचा और देखते ही देखते इंटरनेट पर उन्हें ‘नेशनल क्रश’ जैसे नामों से पुकारा जाने लगा। लेकिन सोशल मीडिया की लोकप्रियता उनकी पहचान का क...

नेपाल में बाढ़ और फ्लैश फ्लड का कहर: 800 के करीब पहुंची मौतों की संख्या, हजारों लोग अब भी लापता

  नेपाल में बाढ़ और फ्लैश फ्लड का कहर: 800 के करीब पहुंची मौतों की संख्या, हजारों लोग अब भी लापता हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा ने मचाई तबाही, बचाव अभियान जारी नेपाल इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हिमालयी क्षेत्र में आई अचानक और विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के साथ भूस्खलन और मलबे के तेज बहाव ने घरों, सड़कों, पुलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। 30 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में मृतकों की संख्या 788 तक पहुंच गई थी, जबकि करीब 2,502 लोग अब भी लापता थे। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र को मिलाकर मौतों का आंकड़ा 800 के आसपास पहुंच गया है। चीन की ओर से भी मौतों और लापता लोगों की पुष्टि की गई है। कैसे आई इतनी भयानक बाढ़? इस आपदा का केंद्र नेपाल-चीन सीमा के आसपास का हिमालयी क्षेत्र रहा। शुरुआती वैज्ञानिक आकलनों के अनुसार, ग्लेशियर से जुड़े बर्फ और चट्टानों के अचानक खिसकने से नदी में भारी ...

सोनम वांगचुक: लद्दाख की आवाज से नवाचार के प्रतीक तक, जानिए क्यों देशभर में होती है उनकी चर्चा

  सोनम वांगचुक: लद्दाख की आवाज से नवाचार के प्रतीक तक, जानिए क्यों देशभर में होती है उनकी चर्चा परिचय भारत के पहाड़ी क्षेत्र लद्दाख से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले सोनम वांगचुक एक इंजीनियर, शिक्षाविद, पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक सुधारक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास से जुड़े कई प्रयोग किए हैं। उनका काम खास तौर पर लद्दाख जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान खोजने पर केंद्रित रहा है। वांगचुक का नाम देश के युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हुआ। इसकी एक वजह उनकी शिक्षा से जुड़ी सोच और दूसरी वजह आम लोगों की समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता है। वह अक्सर टिकाऊ विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय लोगों की भागीदारी की बात करते हैं। साधारण शिक्षा से असाधारण सोच तक का सफर सोनम वांगचुक का जन्म लद्दाख क्षेत्र में हुआ। बचपन से ही उन्होंने पहाड़ी इलाके में रहने वाले लोगों की कठिनाइयों को करीब से देखा। दूर-दराज के क्षेत्रों में शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की कमी ने उनके सोचने के तरीके को प्र...

चित्रकूट: राम की तपोभूमि, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम

चित्रकूट: राम की तपोभूमि, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम धार्मिक आस्था, पौराणिक इतिहास और प्रकृति से भरपूर है चित्रकूट भारत की धरती पर ऐसे कई स्थान हैं, जहां इतिहास, धर्म, संस्कृति और प्रकृति एक साथ दिखाई देते हैं। चित्रकूट भी ऐसा ही एक पवित्र स्थान है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित चित्रकूट भगवान राम से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। माना जाता है कि भगवान राम ने माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास का महत्वपूर्ण समय चित्रकूट में बिताया था। आज चित्रकूट केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक सुंदरता, प्राचीन मंदिरों, नदियों, पहाड़ियों और आध्यात्मिक वातावरण के कारण पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। चित्रकूट का धार्मिक महत्व चित्रकूट का उल्लेख रामायण और अनेक धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण कुछ समय के लिए चित्रकूट में रहे थे। यहां की पहाड़ियों और जंगलों में उन्होंने अपना जीवन बिताया। यही कारण है कि चित्रकूट को भगवान राम की तपोभूमि और कर्मभूमि के रूप में...

ठाणे: मुंबई के पास बसा ऐतिहासिक शहर, जो आधुनिक विकास की नई पहचान बन रहा है

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  ठाणे: मुंबई के पास बसा ऐतिहासिक शहर, जो आधुनिक विकास की नई पहचान बन रहा है इतिहास, संस्कृति, रोजगार, परिवहन और तेजी से बदलते शहरी जीवन के कारण क्यों खास है ठाणे? ठाणे महाराष्ट्र का एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित होता शहर है। मुंबई महानगर क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण ठाणे को लंबे समय से मुंबई का प्रमुख पड़ोसी शहर माना जाता है। हालांकि, आज ठाणे की पहचान केवल मुंबई के उपनगर के रूप में नहीं है। बेहतर कनेक्टिविटी, ऊंची इमारतों, आधुनिक आवासीय परियोजनाओं, व्यापारिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्राकृतिक क्षेत्रों के कारण ठाणे ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। ऐतिहासिक विरासत से आधुनिक महानगर तक ठाणे का इतिहास काफी पुराना है। प्राचीन समय में यह क्षेत्र व्यापार और समुद्री गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था। ठाणे की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह मुंबई, नवी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से जुड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है। ब्रिटिश काल में भी ठाणे का महत्व बढ़ा। भारत की शुरुआती रेलवे यात्राओं के इतिहास में ठाणे का नाम विशेष रूप से दर्ज है। मुंबई से ठाणे के बीच...

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने क्यों लिया सेना से रिटायरमेंट? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC का शानदार सफर और अब नई पारी

  मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने क्यों लिया सेना से रिटायरमेंट? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC का शानदार सफर और अब नई पारी वर्दी में दिखने वाले उस चेहरे ने अचानक क्यों कहा अलविदा? भारतीय सेना की वर्दी सिर्फ एक पोशाक नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में जब कोई युवा और चर्चित सैन्य अधिकारी अपने करियर के अपेक्षाकृत शुरुआती दौर में ही सेना से विदाई लेने का फैसला करता है, तो लोगों के मन में कई सवाल उठना स्वाभाविक है। इन दिनों ऐसा ही नाम चर्चा में है— मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व Aide-de-Camp यानी ADC के रूप में पहचान बनाने वाले ऋषभ सिंह सांब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। उनकी विदाई की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों के बीच भावुक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक सैन्य सेवा से जुड़े रहने के बाद यह फैसला लिया। हालांकि, उनके रिटायरमेंट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि आखिर इतनी प्रतिष्ठित सैन्य या...

रिंकू सिंह:

  रिंकू सिंह: गलियों से टीम इंडिया तक का सफर, अब दुनिया के खतरनाक फिनिशरों में शुमार संघर्ष, मेहनत और एक ओवर में पांच छक्कों ने बदल दी रिंकू सिंह की जिंदगी भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी आए हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाई, लेकिन कुछ खिलाड़ियों की कहानी ऐसी होती है जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाती है। रिंकू सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाले रिंकू सिंह ने अपने संघर्ष, मेहनत और विस्फोटक बल्लेबाजी से करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के दिल में खास जगह बनाई है। बाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह को खास तौर पर उनकी शानदार फिनिशिंग क्षमता के लिए जाना जाता है। मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाना और दबाव के बीच बड़े शॉट लगाना उनकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है। 2023 में आईपीएल के एक मुकाबले में लगातार पांच छक्के लगाकर उन्होंने जो कारनामा किया, उसने उन्हें रातोंरात क्रिकेट की दुनिया का चर्चित चेहरा बना दिया। अलीगढ़ से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर रिंकू सिंह का जन्म 12 अक्टूबर 1997 को उत्तर प्रदेश के...

IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद छोड़ी नौकरी, भावुक पोस्ट से मचा चर्चा का दौर

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  IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद छोड़ी नौकरी, भावुक पोस्ट से मचा चर्चा का दौर IIT-IIM से लंदन तक और फिर IAS बनने की कहानी, अब प्रशासनिक सेवा को कहा अलविदा उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। 2013 बैच की अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद स्वेच्छा से अपना पद छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की और अपनी प्रशासनिक यात्रा को याद किया। दिव्या मित्तल का इस्तीफा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह उन अधिकारियों में गिनी जाती रही हैं, जिन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान जमीनी स्तर पर काम करने की कोशिश की। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम करते हुए उन्होंने जनसमस्याओं, पेयजल, शिक्षा और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया। 13 साल की यात्रा को बताया 'यादगार' अपने विदाई संदेश में दिव्या मित्तल ने अपनी 13 साल की सेवा को एक अविस्मरणीय यात्रा बताया। उन्होंने संकेत दिया कि सरकारी पद भले ही समाप्त ह...

जवागल श्रीनाथ की वायरल फोटो ने जीता दिल, मेट्रो में आम यात्री की तरह दिखे ‘मैसूर एक्सप्रेस’

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  जवागल श्रीनाथ की वायरल फोटो ने जीता दिल, मेट्रो में आम यात्री की तरह दिखे ‘मैसूर एक्सप्रेस’ न कोई VIP ट्रीटमेंट, न सिक्योरिटी का तामझाम… पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज की सादगी बनी चर्चा का विषय भारतीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने मैदान पर अपनी प्रतिभा से इतिहास बनाया और मैदान के बाहर अपने व्यवहार से लोगों का दिल जीता। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ भी उन्हीं दिग्गज खिलाड़ियों में शामिल हैं। इन दिनों उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने एक बार फिर उनकी सादगी और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व की याद दिला दी है। वायरल तस्वीर में श्रीनाथ बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो में आम यात्रियों के बीच नजर आ रहे हैं। उनके हाथ में ट्रॉली बैग है और वह बेहद सामान्य अंदाज में सफर करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में न तो उनके आसपास कोई खास सुरक्षा व्यवस्था नजर आती है और न ही किसी तरह का VIP तामझाम। यही साधारण अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को सबसे ज्यादा पसंद आया। ट्रॉली बैग लेकर मेट्रो में सफर सोशल मीडिया पर वायरल फोटो में जवागल श्रीनाथ जींस और हल्के नीले रंग की शर्ट पहने...

इन्फ्लुएंसर: डिजिटल

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  इन्फ्लुएंसर: डिजिटल दौर की नई ताकत, जो बदल रही है लोगों की सोच और बाजार का अंदाज सोशल मीडिया से पहचान बनाने वाले इन्फ्लुएंसर आज मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा, व्यवसाय और समाज पर भी डाल रहे हैं गहरा प्रभाव आज का दौर डिजिटल क्रांति का दौर है। स्मार्टफोन और इंटरनेट ने लोगों के बीच संवाद के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। पहले किसी व्यक्ति की लोकप्रियता टीवी, फिल्मों, अखबार या रेडियो के माध्यम से बनती थी, लेकिन अब सोशल मीडिया ने आम लोगों को भी लाखों-करोड़ों लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर दिया है। इसी बदलाव से एक नई पहचान सामने आई है— इन्फ्लुएंसर । इन्फ्लुएंसर वह व्यक्ति होता है जो सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी विशेषज्ञता, व्यक्तित्व, अनुभव या रचनात्मकता के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करता है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म ने इन्फ्लुएंसर संस्कृति को तेजी से बढ़ावा दिया है। इन्फ्लुएंसर कौन होता है? सरल शब्दों में कहें तो इन्फ्लुएंसर वह व्यक्ति है जिसकी बात, राय, जीवनशैली या सामग्री का उसके फॉलोअर्स पर प्रभाव पड़ता है। वह किसी विशेष क्षे...

आईएएस दिव्या मित्तल

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  आईएएस दिव्या मित्तल: संघर्ष, सादगी और जनसेवा की प्रेरणादायक कहानी एक ऐसी प्रशासनिक अधिकारी, जिनकी कार्यशैली ने युवाओं और आम लोगों का ध्यान खींचा भारत में सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग इस मुकाम तक पहुंच पाते हैं। ऐसे ही प्रेरणादायक नामों में आईएएस दिव्या मित्तल का नाम भी शामिल है। अपनी मेहनत, स्पष्ट सोच, प्रशासनिक सक्रियता और आम लोगों से जुड़ने की शैली के कारण उन्होंने विशेष पहचान बनाई है। दिव्या मित्तल की कहानी केवल एक अधिकारी के रूप में उनकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। यह कहानी उस सोच की भी है, जिसमें शिक्षा, मेहनत, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी को सफलता की बुनियाद माना जाता है। सोशल मीडिया के दौर में उनकी कई बातें और संदेश युवाओं के बीच चर्चा का विषय बने हैं। आईएएस बनने का सपना और कठिन सफर सिविल सेवा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। UPSC की परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार जैसे कई चरण होते हैं। हर चरण उम्मीदवा...